मोहन भागवत के बयान पर मुस्लिम धर्म गुरुओं ने कह दिया कुछ ऐसा कि जिसकी उम्मीद भी नहीं !

दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिन तक चले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के ‘भविष्य का भारत: आरएसएस का दृष्टिकोण’ कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुत्व को लेकर कहा कि, “हिंदुत्व बिना मुस्लिमों के अधूरा है. अगर हम कहेंगे कि मुसलमान नहीं चाहिए तो हिंदुत्व ख़त्म हो जायेगा. अगर यहाँ सिर्फ वेद पाठ ही चलता रहे, तो फिर हिंदुत्व का भाव भी नहीं रहेगा.” आरएसएस प्रमुख के इस बयान के बाद मुस्लिम समाज की तरफ से काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जिसे जानकर हर कोई हैरान है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत (फोटो सोर्स: दैनिक जागरण)

मुस्लिम समाज ने की जमकर तारीफ़

दरअसल आरएसएस को लेकर मुस्लिमों में ये डर पैदा कर दिया गया है कि, ‘आरएसएस मुस्लिम विरोधी है, और वो मुस्लिमों की खिलाफत करता है.’ इन्हीं सब बातों को लेकर जब संघ द्वारा अपने विचार रखे गये तो मुस्लिम समाज की तरफ से संघ की जमकर तारीफ हो रही है. मुस्लिम समाज की ऐसी प्रतिक्रिया आयेगी, इसकी उम्मीद शायद किसी को नहीं थी.

देश में अच्छे माहौल को लेकर सबको इस बात की ख़ुशी होगी कि मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व करने वालों ने भागवत के इस बयान का दिल से स्वागत किया है.

फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद (फोटो सोर्स: यूट्यूब)

इमाम ने किया दिल से स्वागत

फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉ. मुफ़्ती मुकर्रम अहमद ने मोहन भागवत के इस बयान पर तारीफ करते हुए कहा कि, “उनका यह बयान स्वागत करने लायक है. मैंने हिंदुत्व को लेकर जो अवधारणा गीता और बाकी के पवित्र ग्रंथों में पढ़ी है वो मानवता, प्यार और इंसाफ और हक़ के बारे में बताता है.”

मोहम्मद अफजल, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (फोटो सोर्स: फर्स्ट पोस्ट)

‘संघ प्रमुख दिखावा नहीं कर रहे’

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष अफजाल अहमद ने भागवत के इस बयान पर कहा है कि, “ये बयान ऐतिहासिक है, मुस्लिम समाज में संघ को लेकर जो गलतफहमियां थीं वो दूर हुई हैं. ये गलतफहमियां विरोधियों द्वारा गढ़ी गई थीं. भागवत का यह बयान महज दिखावा नहीं है, वो इसे अमल में भी लाते हैं बल्कि दूसरे दलों का ‘हिन्दू प्रेम’ महज दिखावा है.”

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